दियोरिया थानाध्यक्ष गौतम सिंह का सराहनीय क़दम।मंदबुद्धि चाचा के साथ रास्ता भटकी मासूम बच्ची को परिवार से मिलाया दियोरिया कला। दियोरिया कोतवाली के थानाध्यक्ष गौतम सिंह ने एक सराहनीय कार्य करते हुए रास्ता भटक गई मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके परिवार को सौंप दिया।कोतवाली क्षेत्र के गांव जमुनिया महुआ निवासी रामसिंह जो कि मंदबुद्धि बताया गया है उसकी भतीजी दिव्या -6 वर्ष अपने चाचा के साथ कहीं घूमने चली गई चाचा मंदबुद्धि होने से रास्ता भटक गया सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष गौतम सिंह ने अपनी टीम के साथ छह घंटे में मासूम बच्ची को सकुशल बरामद कर उसके मां बाप के हवाले कर दिया है थानाध्यक्ष गौतम सिंह की इस मानवीय पहल की चारों तरफ सराहना हो रही है।February 13, 2026
लोकेशन पीलीभीतस्लग–पुलिस की तस्करो से मुठभेड़ तस्करो के पैर मे लगी गोली एंकर–पीलीभीत पुलिस का ऑपरेशन लंगड़ा जारी,गौ तस्कर और पुलिस की हुई मुठभेड़, पुलिस की चेकिंग के दौरान दो संदिग्ध गौ तस्कर पुलिस को देखकर भागे,पुलिस ने दोनों तस्करों का किया पीछा अनियंत्रित होकर बाइक से गिरे गौ तस्कर, पुलिस पर जान से करने के नियत से गौ तस्करों ने की फायरिंग,वही पुलिस ने आत्मरक्षा जवाबी कार्रवाई करते हुए दोनों गौ तस्करों के पैरों में मारी गोली,पुलिस ने घायल तस्करों को इलाज के लिए कराया भर्ती,पुलिस ने गौ तस्करों के पास से अवैध शस्त्र गौ कशी के उपकरण किया बरामद,दोनों को तस्करों के खिलाफ दर्जनों मुकदमे है दर्ज,पीलीभीत की पूरनपुर कोतवाली क्षेत्र के ग्राम भगवंतापुर क्षेत्र मे पुलिस के चेकिंग के दौरान वाइक सवार गौ तस्कर लगे पुलिस को देख कर भागने तभी पुलिस ने किया पीछा पुलिस को पीछा करते देख तस्करो ने पुलिस पर चलाई गोली,जिसके चलते देख जबाबी कारवाई मे पुलिस ने भी चलाई गोली और गौ तस्कर हुए घायल वही घायलों को अस्पताल मे कराया भर्ती,बताते हैं इन तस्करो पर कई मुक़दमे दर्ज हैं और इनकी कुछ समय से पुलिस तलाश मे थीबाइट–सुकृति माधव मिश्रा पुलिस अधीक्षक पीलीभीतFebruary 12, 2026
घुंघचाई पुलिस की बड़ी कामयाबी, अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, दुबई में ट्रेनिंग लेकर भारत में चला रहे थे अवैध कॉल सेंटपीलीभीत।घुंघचाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर साइबर ठगों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। गिरफ्तार आरोपी दुबई में रहकर साइबर ठगी का प्रशिक्षण ले चुके थे और भारत लौटने के बाद अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हर्षित उर्फ तनिश और आशुतोष कुमार उर्फ आशु के रूप में हुई है। घुंघचाई पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से हर्षित उर्फ तनिश को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे आरोपी आशुतोष कुमार उर्फ आशु को दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र से दबोचा गया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी लंबे समय से की जा रही गोपनीय जांच का परिणाम बताई जा रही है।पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे दुबई गए थे, जहां उन्होंने फर्जी गेमिंग ऐप के माध्यम से साइबर ठगी करने की बाकायदा ट्रेनिंग ली। इस प्रशिक्षण में उन्हें ऑनलाइन गेमिंग और निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाने और उनकी बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने के तरीके सिखाए गए। भारत लौटने के बाद आरोपियों ने अपने नेटवर्क के सहारे अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए और ठगी का संगठित धंधा शुरू कर दिया।आरोपी सोशल मीडिया, फोन कॉल और मैसेज के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें फर्जी गेमिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर ऐप डाउनलोड करता और उस पर बैंक या अन्य निजी जानकारी दर्ज करता, आरोपी तुरंत उस खाते की पूरी जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद कुछ ही समय में पीड़ितों के बैंक खाते खाली कर दिए जाते थे। ठगी का एहसास पीड़ितों को तब होता था, जब खाते से सारी रकम गायब मिलती थी।घुंघचाई पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए कई अत्याधुनिक डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। इनमें सात हाई-टेक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें बैंक लेनदेन, फर्जी गेमिंग ऐप और ठगी से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस को इस गिरोह के अन्य सदस्यों और देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी बड़ी रकम की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं और साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।घुंघचाई पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन गेमिंग, निवेश संबंधी ऐप, अनजान कॉल और लिंक से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरते।February 10, 2026
By DDR NEWSDecember 4, 2025जिला कृषि अधिकारी ने जनपद में उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर की आकस्मिक की छापेमारी पीलीभीत जिला कृषि अधिकारी नरेन्द्र पाल द्वारा आज रबी सीजन में उर्वरकों की गुणवत्तायुक्त आपूर्ति एवं उपलब्धता सुनिश्चित कराने के साथ साथ कृषकों को आवश्यकतानुसार उचित दर पर उर्वरकों का वितरण स्टाक मिलान, सुनिश्चित करने हेतु जनपद में फुटकर उर्वरक विक्रेताओं के प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक छापामार कार्यवाही की गयी। जिसमें मै0 दुर्गा खाद भण्डार, जोगराजपुर, राहुल खाद भण्डार, जोगराजपुर, शंकर इंटर प्राईजेज, जोगराजपुर, वर्मा फर्टिलाईजर, जोगराजपुर, जय अम्बे खाद भण्डार, जोगराजपुर का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के समय प्रतिष्ठान पर उपलब्ध उर्वरक का मिलान पी0ओ0एस0 मशीन से करने पर सही पाया गया। विक्रेताओं निर्देशित किया गया कि उर्वरकों की बिक्री पी0ओ0एस0 मशीन से ही की जाये तथा ओवर रेटिंग, टैगिंग न की जाये। मै0 किसान एग्रो टेडर्स, गौरा अपना प्रतिष्ठान बंद कर चले जाने के कारण प्रतिष्ठान का निरीक्षण नहीं हो सका, जिस कारण उनका उर्वरक प्राधिकार पत्र निरस्त करते हुए उर्वरक नियन्त्रण आदेश 1985 एवं आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 में निहित प्रावधानों के अन्तर्गत वैधानिक कार्यवाही की जा रही है। किसानों को सुगमता से निर्धारित मूलय पर गुणवत्तायुक्त उर्वरकों की उपलब्धता बिना किसी टैगिंग के कराये जाने के लिए नियमित रूप से औचक छापामार कार्यवाही की जाती रहेगी।By DDR NEWSDecember 4, 20250