
Subscribe to Updates
Get the latest creative news from FooBar about art, design and business.
What's Hot
घुंघचाई पुलिस की बड़ी कामयाबी, अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़, दुबई में ट्रेनिंग लेकर भारत में चला रहे थे अवैध कॉल सेंट
पीलीभीत।घुंघचाई पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ एक बड़ी और प्रभावशाली कार्रवाई करते हुए अंतरराज्यीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने गिरोह के दो मुख्य सरगनाओं को गिरफ्तार कर साइबर ठगों के नेटवर्क पर करारा प्रहार किया है। गिरफ्तार आरोपी दुबई में रहकर साइबर ठगी का प्रशिक्षण ले चुके थे और भारत लौटने के बाद अवैध कॉल सेंटरों के माध्यम से लोगों को ठगी का शिकार बना रहे थे। पुलिस की इस कार्रवाई से जिले में सक्रिय साइबर अपराधियों में हड़कंप मच गया है।
पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान हर्षित उर्फ तनिश और आशुतोष कुमार उर्फ आशु के रूप में हुई है। घुंघचाई पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस और साइबर सेल की मदद से हर्षित उर्फ तनिश को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार किया, जबकि दूसरे आरोपी आशुतोष कुमार उर्फ आशु को दिल्ली के मालवीय नगर क्षेत्र से दबोचा गया। दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी लंबे समय से की जा रही गोपनीय जांच का परिणाम बताई जा रही है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि वे दुबई गए थे, जहां उन्होंने फर्जी गेमिंग ऐप के माध्यम से साइबर ठगी करने की बाकायदा ट्रेनिंग ली। इस प्रशिक्षण में उन्हें ऑनलाइन गेमिंग और निवेश में मोटे मुनाफे का लालच देकर लोगों को फंसाने और उनकी बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी हासिल करने के तरीके सिखाए गए। भारत लौटने के बाद आरोपियों ने अपने नेटवर्क के सहारे अवैध कॉल सेंटर स्थापित किए और ठगी का संगठित धंधा शुरू कर दिया।
आरोपी सोशल मीडिया, फोन कॉल और मैसेज के जरिए लोगों से संपर्क करते थे और उन्हें फर्जी गेमिंग ऐप डाउनलोड करने के लिए प्रेरित करते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति इनके झांसे में आकर ऐप डाउनलोड करता और उस पर बैंक या अन्य निजी जानकारी दर्ज करता, आरोपी तुरंत उस खाते की पूरी जानकारी हासिल कर लेते थे। इसके बाद कुछ ही समय में पीड़ितों के बैंक खाते खाली कर दिए जाते थे। ठगी का एहसास पीड़ितों को तब होता था, जब खाते से सारी रकम गायब मिलती थी।
घुंघचाई पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए कई अत्याधुनिक डिजिटल उपकरण भी बरामद किए हैं। इनमें सात हाई-टेक मोबाइल फोन, एक लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल हैं, जिनमें बैंक लेनदेन, फर्जी गेमिंग ऐप और ठगी से जुड़े अहम डिजिटल साक्ष्य मौजूद हैं। बरामद सामग्री के आधार पर पुलिस को इस गिरोह के अन्य सदस्यों और देश के अलग-अलग हिस्सों में फैले नेटवर्क के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने की उम्मीद है।
फिलहाल पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल डेटा का गहन विश्लेषण कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है और कितनी बड़ी रकम की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ इस मामले में और भी गिरफ्तारियां संभव हैं और साइबर ठगी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हो सकता है।
घुंघचाई पुलिस की इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ एक मजबूत संदेश के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे ऑनलाइन गेमिंग, निवेश संबंधी ऐप, अनजान कॉल और लिंक से सतर्क रहें और किसी भी प्रकार की गोपनीय जानकारी साझा करने से पहले पूरी सावधानी बरते।
