पीलीभीत पुलिस लाइन में दीक्षांत परेड समारोह का हुआ भव्य, अनुशासित एवं गरिमामय आयोजन संपन्न इस अवसर पर प्रशिक्षण पूर्ण कर चुके नवप्रशिक्षित 389 रिक्रूट आरक्षियों द्वारा उत्कृष्ट समन्वय, अनुशासन एवं दक्षता का प्रभावशाली प्रदर्शन किया गया।*
आज दिनांक 26.04.2026 को जनपदीय पुलिस लाइन में दीक्षांत परेड समारोह का भव्य आयोजन हुआ, समारोह में श्रीमान पुलिस अधीक्षक पीलीभीत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सर्वप्रथम महोदय द्वारा परेड का मान प्रणाम ग्रहण किया गया। तत्पश्चात श्रीमान पुलिस अधीक्षक पीलीभीत द्वारा परेड का निरीक्षण किया गया, जिसमें उन्होंने परेड की प्रत्येक टुकड़ी (Platoon) की सज्जा, अनुशासन एवं एकरूपता का सूक्ष्म अवलोकन किया।
निरीक्षण उपरांत रिक्रूट आरक्षियों की 14 टोलियों द्वारा परेड का भव्य मार्चपास्ट आयोजित किया गया, जिसमें विभिन्न प्लाटून द्वारा मंच के समक्ष से गुजरते हुए मुख्य अतिथि को सलामी दी गई। परेड के दौरान कदमताल की एकरूपता, सटीकता एवं समयबद्धता अत्यंत सराहनीय रही। प्रशिक्षुओं द्वारा प्रदर्शित शारीरिक क्षमता, मानसिक दृढ़ता एवं प्रशिक्षण के प्रति समर्पण ने उपस्थित सभी अधिकारियों एवं दर्शकों को प्रभावित किया।
पुलिस अधीक्षक महोदय द्वारा कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षण अवधि में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रशिक्षुओं को विभिन्न श्रेणियों में पुरस्कृत कर सम्मानित किया गया—
आरक्षी अक्षय कुमार को सर्वोत्तम सर्वांग (Best All Rounder) आरक्षी तुषार चौधरी को इन्डोर टॉपर आरक्षी राजीव कुमार को आउटडोर टॉपर आरक्षी शिवम कौशिक को परेड कमांडर प्रथम आरक्षी अवनीत रुहेला को परेड कमांडर द्वितीय आरक्षी विशाल मलिक को परेड कमांडर तृतीय
इसके अतिरिक्त 10 आरक्षियों को बाह्य विषयों तथा 09 आरक्षियों को आंतरिक विषयों में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु पुरस्कार प्रदान कर श्रीमान पुलिस अधीक्षक पीलीभीत द्वारा सम्मानित किया गया।
अपने संबोधन में श्रीमान पुलिस अधीक्षक पीलीभीत ने कहा कि पुलिस सेवा केवल कर्तव्य नहीं, बल्कि समाज के प्रति उत्तरदायित्व एवं समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि प्रशिक्षण के दौरान अर्जित अनुशासन, ईमानदारी, संवेदनशीलता एवं पेशेवर दक्षता को अपने सेवा जीवन में आत्मसात करते हुए आमजन की सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रत्येक पुलिसकर्मी का सर्वोच्च दायित्व है।
*इन नवप्रशिक्षित आरक्षियों के जनपद के विभिन्न थानों पर नियुक्त होने से पुलिस बल की जनशक्ति में वृद्धि होगी, जिससे कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा। साथ ही, आमजन को त्वरित एवं प्रभावी पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी तथा जनता की सेवा, सुरक्षा एवं संतुष्टि के स्तर में और अधिक सुधार होगा।*