बड़ेपुरा में एक साथ उठीं चार अर्थियां, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार।
बीसलपुर। तहसील क्षेत्र के बड़ेपुरा गांव में गुरुवार को ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई। हरियाणा के खरखौदा थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों के शव जैसे ही गांव पहुंचे, पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। वहीं हादसे में जान गवाने वाले ईको चालक आरिफ का शव उनके गांव सुजनी पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में शव को दफनाया गया। बहीं बड़ेपुरा निवासी नेवा राम वर्मा, अग्रपाल वर्मा, सुशील कुमार शर्मा और राम नरेश मौर्य रोजी-रोटी की तलाश में हरियाणा के झज्जर जिले में बाजरे की कटाई करने जा रहे थे। परिवारों को उनके सकुशल लौटने का इंतजार था, लेकिन घर शव पहुंचे तो कोहराम मच गया। परिजनों का विलाप सुनकर आसपास के लोग भी अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक सके। चारों श्रमिकों की अंतिम विदाई में पूरा गांव उमड़ पड़ा। आसपास के गांवों से भी हजारों की तादाद में लोग बड़ेपुरा पहुंचे और नम आंखों से श्रमिकों को अंतिम विदाई दी। एक साथ चार अर्थियां उठीं तो माहौल और भी गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा में लोगों की लंबी कतारें दिखाई दीं और हर ओर सिर्फ सन्नाटा और सिसकियां थीं। अंतिम संस्कार से पहले प्रशासन ने गांव से श्मशान घाट तक जाने वाले जर्जर रास्ते को युद्धस्तर पर दुरुस्त कराया। ग्राम पंचायत के सफाई कर्मचारियों को लगाकर रास्ता ठीक कराया गया, ताकि अंतिम यात्रा में कोई बाधा न आए। सुबह से ही एसडीएम समेत जिले के कई अधिकारी गांव में डटे रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। श्रमिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए बरखेड़ा से भाजपा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बीसलपुर से भाजपा विधायक विवेक वर्मा, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत समेत कई जनप्रतिनिधि भी गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं, हादसे में घायल सात मजदूरों का इलाज हरियाणा के अस्पतालों में जारी है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है। जिसमें सुशील कुमार के भाई पवन, रामनरेश के पिता रामचंद्र, नेवाराम के भाई लालता प्रसाद और अगृपाल के भाई बीरेंद्र कुमार ने मुखाग्नि दी।