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Month: August 2026
By DDR NEWS
पीलीभीत: छात्राओं ने डीएम की बाँधी राखी, डीएम हुए भावुक
पीलीभीत में रक्षाबंधन का एक बेहद खूबसूरत और भावुक पल सामने आया है। कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालयों की छात्राओं ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को अपने हाथों से बनाई राखी बांधकर रक्षाबंधन की खुशियां साझा कीं। इतना ही नहीं, इन बेटियों ने भारत-नेपाल सीमा पर देश की रक्षा में तैनात जवानों के लिए भी अपने हाथों से राखियां भेजीं। बेटियों के इस स्नेह ने जहां प्रशासनिक कार्यालय में अपनापन घोल दिया, वहीं सरहद पर तैनात जवानों के प्रति सम्मान और भाईचारे की भावना भी सामने आई पीलीभीत के नौ कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की 18 छात्राएं रक्षाबंधन के मौके पर जिला मुख्यालय पहुंचीं। छात्राओं ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह को अपने हाथों से तैयार की गई राखियां बांधीं। इस दौरान माहौल बेहद आत्मीय नजर आया। जिलाधिकारी ने छात्राओं को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि ये बेटियां आगे चलकर राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। वहीं, छात्राओं ने सीमा पर तैनात जवानों के लिए भी राखियां भेजीं। जिलाधिकारी ने कस्तूरबा विद्यालयों की सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने और जिले के सभी नौ विद्यालयों को सुंदर व सर्वसुविधायुक्त बनाने का संकल्प भी जताया। रक्षाबंधन का यह आयोजन इस संदेश के साथ यादगार बन गया कि एक छोटा-सा रक्षासूत्र भी रिश्तों, सम्मान और देशभक्ति की बड़ी भावना को जोड़ सकती है
By DDR NEWS
बरेली मंडला आयुक्त की अध्यक्षता में बमनपुर भागीरथ में जनसंवाद कार्यक्रम का किया गया आयोजन
बाढ़ के स्थाई समाधान के साथ क्षेत्रवासियों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने पर दिया जोर
मंडलाआयुक्त ने की गर्भवती महिलाओं की गोद भराई व वितरित की बेबी किट
पीलीभीत आयुक्त बरेली मंडल बरेली शंभू कुमार की अध्यक्षता में ग्राम बमनपुर भागीरथ में जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं, बाढ़ एवं शारदा नदी के कटान की स्थिति तथा शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की जानकारी प्राप्त की गई।
कार्यक्रम के दौरान डीसी मनरेगा द्वारा ग्राम पंचायत में संचालित विकास कार्यों एवं पंचायत की प्रगति का विवरण प्रस्तुत किया गया। साथ ही प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना, वीबी-जी राम जी, विभिन्न पेंशन योजनाओं, खाद्य सुरक्षा एवं अंत्योदय योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि तथा आयुष्मान कार्ड सहित विभिन्न योजनाओं से लाभान्वित लाभार्थियों की संख्या की जानकारी दी गई। आयुक्त महोदय द्वारा लाभार्थियों को आयुष्मान कार्ड वितरित किए गए। इस के साथ ही उन्होंने गर्भवती महिला की गोदभराई की व बेबी किट प्रदान की।
जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह ने कहा कि क्षेत्र में बाढ़ की समस्या के स्थाई समाधान के लिए प्रभावी कार्ययोजना तैयार कर कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि धनाराघाट पुल के निर्माण से क्षेत्रवासियों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और क्षेत्र के विकास को गति प्राप्त होगी।
जनसंवाद के दौरान ग्रामवासियों ने शारदा नदी के कटान, भूमि संबंधी समस्याओं तथा क्षेत्र में सड़क, बिजली, पेयजल एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं से संबंधित समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने एएनएम की तैनाती सहित अन्य समस्याओं के समाधान की मांग की। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि प्राप्त शिकायतों का नियमानुसार परीक्षण कर प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।
आयुक्त शंभू कुमार ने बाढ़ से बचाव के लिए की गई तैयारियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने पशु शरणालयों, राहत शिविरों की व्यवस्थाओं तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्र के ग्रामवासियों को उपलब्ध कराए जा रहे शासन की योजनाओं के लाभ की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सरकार की प्राथमिकता प्रत्येक पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि रोटी, कपड़ा और मकान के साथ-साथ सड़क, बिजली और पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं प्रत्येक नागरिक तक पहुंचाना सरकार की प्राथमिकता है। क्षेत्र में पेयजल की व्यवस्था के लिए किए गए कार्यों की भी जानकारी ली गई।
शिक्षा व्यवस्था के संबंध में आयुक्त ने कहा कि क्षेत्र की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए उचित प्रस्ताव तैयार कर शासन को स्वीकृति के लिए प्रेषित किया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से स्वयं सहायता समूहों से जुड़ने तथा कौशल विकास के माध्यम से उपलब्ध रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने का आह्वान किया।
आयुक्त ने कहा कि वृद्धजन एवं निराश्रित महिलाओं के कल्याण के लिए सरकार द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। पात्र लाभार्थी योजनाओं का लाभ प्राप्त करें तथा संबंधित विभाग सुनिश्चित करें कि कोई भी पात्र व्यक्ति योजना के लाभ से वंचित न रहे।
कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों की समस्याओं को गंभीरता से सुना तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही के निर्देश दिए।
इस दौरान जिलाधिकारी ज्ञानेन्द्र सिंह, पुलिस अधीक्षक सुर्कीति माधव, सीडीओ सतीश प्रसाद मिश्र,मुख्य चिकित्सा अधिकारी भुवन चंद्र पंत, अपर जिलाधिकारी (वि./रा.) प्रसून द्विवेदी, डीसी मनरेगा, उप जिलाधिकारी पूरनपुर, लेखपाल, सचिव, ग्राम प्रधान, ग्रामीण सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
By DDR NEWS
चार सूत्रीय मांगों को लेकर ग्रामीण सफाई कर्मचारियों ने भरी हुंकार, जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
पीलीभीत। उत्तर प्रदेश पंचायतीराज ग्रामीण सफाई कर्मचारी संघ की जिला शाखा ने ग्रामीण सफाई कर्मचारियों की विभिन्न लंबित समस्याओं और मांगों के स्थायी समाधान को लेकर अपना सुर मुखर कर दिया है। इसी क्रम में संघ के पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। इस दौरान कर्मचारियों ने अपनी समस्याओं को रेखांकित करते हुए सरकार से उन पर सहानुभूतिपूर्वक और शीघ्र निर्णय लेने की अपील की। सौंपे गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने मुख्य रूप से पुरानी पेंशन योजना को बहाल करने समेत चार अत्यंत महत्वपूर्ण मांगें प्रमुखता से रखी हैं। कर्मचारियों का कहना है कि नई पेंशन योजना के तहत उनका भविष्य पूरी तरह से असुरक्षित और अनिश्चित बना हुआ है। सेवानिवृत्ति के बाद कर्मचारियों के पास जीवनयापन का कोई ठोस सहारा नहीं बचता है, जिससे वे बुढ़ापे में खुद को असहाय महसूस करते हैं। संघ ने पुरजोर शब्दों में मांग की है कि कर्मचारियों को उनके सेवाकाल के बाद एक सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जीने का अधिकार मिलना चाहिए, जिसके लिए पुरानी पेंशन योजना को तत्काल प्रभाव से पुन: लागू किया जाना बेहद जरूरी है। इसके बिना कर्मचारियों के हितों की रक्षा संभव नहीं है। पुरानी पेंशन के अलावा ज्ञापन में पंचायतीराज विभाग के अंतर्गत कार्यरत सभी ग्रामीण सफाई कर्मचारियों के लिए एक सुदृढ़ और स्पष्ट सेवा नियमावली बनाने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया है। संघ ने नाराजगी जताते हुए कहा कि वर्ष 2008 में एक विशेष शासनादेश के तहत हजारों सफाई कर्मचारियों की भर्ती की गई थी, लेकिन विडंबना यह है कि इतने लंबे वर्ष बीत जाने के बाद भी आज तक उनकी सेवा नियमावली तैयार नहीं की जा सकी है। सेवा नियमावली के अभाव में कर्मचारियों को कई तरह की तकनीकी और प्रशासनिक दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और उनके अधिकार भी सीमित हो जाते हैं। इसके साथ ही संगठन ने विभागीय स्तर पर कर्मचारियों की उन्नति के रास्ते खोलने की वकालत की है। ज्ञापन में मांग की गई है कि ग्रामीण सफाई कर्मचारियों को समय पर पदोन्नति के उचित और पर्याप्त अवसर प्रदान किए जाएं ताकि उनका कार्य के प्रति उत्साह बना रहे। साथ ही वर्तमान विभागीय संरचना और कार्य की प्रकृति को देखते हुए उनके पदनाम को भी परिवर्तित किया जाना चाहिए, जिससे कर्मचारियों को समाज और विभाग में एक सम्मानजनक पहचान मिल सके। लंबे समय से एक ही पद पर कार्य करते रहने से कर्मचारियों में निराशा की भावना पनप रही है, जिसे दूर करना अत्यंत आवश्यक है। इस पूरे मामले पर संघ के जिलाध्यक्ष धर्मपाल सिंह और जिला महामंत्री रामसेवक वाल्मीकि ने संयुक्त रूप से कहा कि ग्रामीण सफाई कर्मचारी विपरीत परिस्थितियों में भी ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता और स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए दिन-रात अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा से निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में सरकार और प्रशासन का यह नैतिक कर्तव्य बनता है कि उनकी जायज समस्याओं का निराकरण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। उन्होंने उम्मीद जताई है कि मुख्यमंत्री इन मांगों पर गंभीरता से विचार करते हुए सफाई कर्मचारियों के हित में जल्द ही कोई सकारात्मक और ठोस कदम उठाएंगे।
By DDR NEWS
कोरम के अभाव में निरस्त हुई दियोहना में आयोजित कोटे की बैठक।
जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद तय होगी अगली तारीख।
दियोरिया /पीलीभीत।दियोहना में कोटा आवंटन के संबंध में गुरुवार 20 अगस्त को उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया ।कोरम पूरा नहीं होने पर बैठक को निरस्त किया गया। जिलाधिकारी के अनुमोदन के बाद बैठक की अगली तारीख तय होगी।फरवरी में ग्राम पंचायत दियोहना के गांव पिपराही में रिषीपाल की दुकान को कालाबाजारी के आरोप में निरस्त किया गया था उसके बाद एक दुकान पर ही राशन का वितरण किया जा रहा है बरखेड़ा विकास खंड की दियोहना ग्राम पंचायत सबसे बड़ी पंचायत है इसमें सात गांव दियोहना, आमडंडा, पिपराही, हिम्मतपुर, जयनगर, बल्देवपुर, पट्टी शामिल हैं बड़ी ग्राम पंचायत को ध्यान में रखते हुए दो दुकानों का निर्धारण किया गया लेकिन एक दुकान छह महीने पहले निरस्त हो गई। निरस्त हुई दुकान के आवंटन को लेकर गुरुवार को उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक बैठक का आयोजन किया गया जिसमें बरखेड़ा ब्लाक के एडीओ, इशरार अहमद डीएन एस, ग्राम पंचायत सचिव रमावीर, प्रधान पति प्यारे लाल गंगवार मौजूद रहे।
शासनादेश के अनुसार कोटे की दुकान का आवंटन सिर्फ स्वयं सहायता समूह को किया जाएगा।दियोहना में इस समय 11 स्वयं सहायता समूह चल रहे हैं जिनमें 10 स्वयं सहायता समूह निष्क्रिय हैं एक स्वयं सहायता समूह, शिव स्वयं सहायता समूह सक्रिय है जिसमें 12 सदस्य हैं जिनमें 6 सदस्य ओबीसी, व 6 सदस्य एसी जाति के हैं जबकि नियमानुसार एसी जाति की सदस्य संख्या ओबीसी से अधिक होनी चाहिए।ऐसी परिस्थिति में चयन प्रक्रिया पूरी नहीं की जा सकी इसके बाद सभी 11 स्वयं सहायता समूहों के नाम जिलाधिकारी के पास अनुमोदन के लिए भेज दिए गए हैं जिलाधिकारी से अनुमोदन प्राप्त होते ही चयन के लिए बैठक की अगली तारीख तय की जाएगी।
By DDR NEWS