पकड़िया बिंदुआ के मनोज कुमार के परिजनों को विधायक ने सौंपा चार लाख का चेक।बीसलपुर । 17 सितंबर शाम मधवापुर बाजार से लौटते समय ईंटगांव रजवाह नहर में गिरने से हादसे में जान गंवाने वाले पकड़िया बिंदुआ निवासी मनोज कुमार के परिजनों को विधायक ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। बीते दिनों सड़क हादसे में मनोज कुमार की मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। शासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में विधायक विवेक वर्मा और तहसीलदार हबीब उर्रहमान ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें चार लाख रुपये का चेक सौंपा और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान विधायक ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। आर्थिक सहायता का उद्देश्य परिवार को कुछ राहत पहुंचाना है। चेक मिलने के बाद परिजनों ने शासन और प्रशासन का आभार जताया। विधायक ने अधिकारियों से भी पीड़ित परिवार की आवश्यक मदद सुनिश्चित करने को कहा।September 29, 2026
जंगल के बैरियर से निकल रही जंगली लकड़ी, निगरानी करने वालों पर ही उठे सवाल।बीसलपुर। जंगल के बैरियर से लगातार जंगली लकड़ी बाहर निकल रही है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस बैरियर का काम जंगल से लकड़ी की अवैध निकासी पर रोक लगाना है, उसी रास्ते से लकड़ियां आखिर बाहर कैसे पहुंच रही हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के दावों पर भरोसा करें तो जंगल की रखवाली करने वाले ही अपनी निगरानी में साइकिलों के जरिए लकड़ी बाहर निकलने दे रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दियोरिया जंगल से लगातार साइकिलों पर लकड़ी निकाले जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को जंगल में सफाई के नाम पर लकड़ी ले जाने की अनुमति दी जाती है। वहीं कुछ सूत्र प्रति साइकिल रुपये वसूले जाने का भी दावा कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि लकड़ी निकालने की अनुमति नियमों के तहत है तो इसकी बाकायदा एंट्री, रिकॉर्ड और निगरानी क्यों नहीं दिखाई देती? सबसे गंभीर सवाल वन क्षेत्र के बैरियर को लेकर है। बताया जा रहा है कि लकड़ी लदी साइकिलें बैरियर से होकर गुजरती हैं। यदि वहां जांच और पूछताछ की व्यवस्था है तो फिर लगातार लकड़ी बाहर निकलने का सिलसिला कैसे जारी है?lस्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जंगल की हरियाली पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। अब निगाहें वन विभाग के अधिकारियों पर हैं कि वे इन आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या नहीं।September 25, 2026
पीलीभीत मे नदी किनारे मिला नर कंकाल पुलिस जांच मे जुटी मृतक की पहचान के लिए गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिसबरखेड़ा/पीलीभीत थाना बरखेड़ा क्षेत्र में देवहा नदी किनारे एक नर कंकाल मिलने की खबर फैलते ही नदी किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। क्षेत्र के सिमरिया ताराचंद्र गांव में बुधवार सुबह 9 बजे गांव के कुछ लोग देवहा नदी की ओर गए थे। तभी उनकी नजर नदी किनारे पड़े नर कंकाल पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को दूर कर नर कंकाल को कब्जे में लिया। जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह कंकाल करीब एक महीने पुराना है। शरीर पूरी तरह गल चुका है जिससे मौके पर मृतक की पहचान नहीं हो पाई। बरखेड़ा थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर लगता है कि यह कंकाल नदी के तेज बहाव में बहकर यहां किनारे आ गया है। कंकाल काफी पुराना और पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच डीएनए टेस्ट के लिए भेजा है। मृतक की पहचान के लिए पीलीभीत और आसपास के जिलों के थानों में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट भी जांची जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह और मृतक की पहचान हो सकेगी।September 16, 2026
Share Facebook Twitter LinkedIn Pinterest Email Big ब्रेकिंग पीलीभीत ईमानदार पुलिस अधीक्षक अभिषेक यादव को मिला ईमानदारी का तोहफा जल्द बनेंगे डी आई जी
पकड़िया बिंदुआ के मनोज कुमार के परिजनों को विधायक ने सौंपा चार लाख का चेक।बीसलपुर । 17 सितंबर शाम मधवापुर बाजार से लौटते समय ईंटगांव रजवाह नहर में गिरने से हादसे में जान गंवाने वाले पकड़िया बिंदुआ निवासी मनोज कुमार के परिजनों को विधायक ने चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता का चेक सौंपा। बीते दिनों सड़क हादसे में मनोज कुमार की मौत हो गई थी। हादसे के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा था। शासन की ओर से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। इसी क्रम में विधायक विवेक वर्मा और तहसीलदार हबीब उर्रहमान ने मृतक के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें चार लाख रुपये का चेक सौंपा और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। इस दौरान विधायक ने परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि दुख की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है। आर्थिक सहायता का उद्देश्य परिवार को कुछ राहत पहुंचाना है। चेक मिलने के बाद परिजनों ने शासन और प्रशासन का आभार जताया। विधायक ने अधिकारियों से भी पीड़ित परिवार की आवश्यक मदद सुनिश्चित करने को कहा।September 29, 2026
जंगल के बैरियर से निकल रही जंगली लकड़ी, निगरानी करने वालों पर ही उठे सवाल।बीसलपुर। जंगल के बैरियर से लगातार जंगली लकड़ी बाहर निकल रही है और सबसे बड़ा सवाल यही है कि जिस बैरियर का काम जंगल से लकड़ी की अवैध निकासी पर रोक लगाना है, उसी रास्ते से लकड़ियां आखिर बाहर कैसे पहुंच रही हैं। स्थानीय लोगों और सूत्रों के दावों पर भरोसा करें तो जंगल की रखवाली करने वाले ही अपनी निगरानी में साइकिलों के जरिए लकड़ी बाहर निकलने दे रहे हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। दियोरिया जंगल से लगातार साइकिलों पर लकड़ी निकाले जाने की चर्चा है। बताया जा रहा है कि कुछ लोगों को जंगल में सफाई के नाम पर लकड़ी ले जाने की अनुमति दी जाती है। वहीं कुछ सूत्र प्रति साइकिल रुपये वसूले जाने का भी दावा कर रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि यदि लकड़ी निकालने की अनुमति नियमों के तहत है तो इसकी बाकायदा एंट्री, रिकॉर्ड और निगरानी क्यों नहीं दिखाई देती? सबसे गंभीर सवाल वन क्षेत्र के बैरियर को लेकर है। बताया जा रहा है कि लकड़ी लदी साइकिलें बैरियर से होकर गुजरती हैं। यदि वहां जांच और पूछताछ की व्यवस्था है तो फिर लगातार लकड़ी बाहर निकलने का सिलसिला कैसे जारी है?lस्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई तो जंगल की हरियाली पर इसका गंभीर असर पड़ सकता है। अब निगाहें वन विभाग के अधिकारियों पर हैं कि वे इन आरोपों की जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाते हैं या नहीं।September 25, 2026
पीलीभीत मे नदी किनारे मिला नर कंकाल पुलिस जांच मे जुटी मृतक की पहचान के लिए गुमशुदगी के रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिसबरखेड़ा/पीलीभीत थाना बरखेड़ा क्षेत्र में देवहा नदी किनारे एक नर कंकाल मिलने की खबर फैलते ही नदी किनारे लोगों की भीड़ जमा हो गई। क्षेत्र के सिमरिया ताराचंद्र गांव में बुधवार सुबह 9 बजे गांव के कुछ लोग देवहा नदी की ओर गए थे। तभी उनकी नजर नदी किनारे पड़े नर कंकाल पर पड़ी। उन्होंने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही बरखेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने भीड़ को दूर कर नर कंकाल को कब्जे में लिया। जांच में आशंका जताई जा रही है कि यह कंकाल करीब एक महीने पुराना है। शरीर पूरी तरह गल चुका है जिससे मौके पर मृतक की पहचान नहीं हो पाई। बरखेड़ा थाना प्रभारी सत्येंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि शुरुआती तौर पर लगता है कि यह कंकाल नदी के तेज बहाव में बहकर यहां किनारे आ गया है। कंकाल काफी पुराना और पुलिस इसकी जांच कर रही है। पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच डीएनए टेस्ट के लिए भेजा है। मृतक की पहचान के लिए पीलीभीत और आसपास के जिलों के थानों में दर्ज गुमशुदगी रिपोर्ट भी जांची जा रही है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह और मृतक की पहचान हो सकेगी।September 16, 2026
बड़ेपुरा में एक साथ उठीं चार अर्थियां, गमगीन माहौल में हुआ अंतिम संस्कार।बीसलपुर। तहसील क्षेत्र के बड़ेपुरा गांव में गुरुवार को ऐसा दर्दनाक मंजर देखने को मिला, जिसे देखकर हर आंख नम हो गई। हरियाणा के खरखौदा थाना क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों के शव जैसे ही गांव पहुंचे, पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई। वहीं हादसे में जान गवाने वाले ईको चालक आरिफ का शव उनके गांव सुजनी पहुंचा, जहां गमगीन माहौल में शव को दफनाया गया। बहीं बड़ेपुरा निवासी नेवा राम वर्मा, अग्रपाल वर्मा, सुशील कुमार शर्मा और राम नरेश मौर्य रोजी-रोटी की तलाश में हरियाणा के झज्जर जिले में बाजरे की कटाई करने जा रहे थे। परिवारों को उनके सकुशल लौटने का इंतजार था, लेकिन घर शव पहुंचे तो कोहराम मच गया। परिजनों का विलाप सुनकर आसपास के लोग भी अपनी आंखों के आंसू नहीं रोक सके। चारों श्रमिकों की अंतिम विदाई में पूरा गांव उमड़ पड़ा। आसपास के गांवों से भी हजारों की तादाद में लोग बड़ेपुरा पहुंचे और नम आंखों से श्रमिकों को अंतिम विदाई दी। एक साथ चार अर्थियां उठीं तो माहौल और भी गमगीन हो गया। अंतिम यात्रा में लोगों की लंबी कतारें दिखाई दीं और हर ओर सिर्फ सन्नाटा और सिसकियां थीं। अंतिम संस्कार से पहले प्रशासन ने गांव से श्मशान घाट तक जाने वाले जर्जर रास्ते को युद्धस्तर पर दुरुस्त कराया। ग्राम पंचायत के सफाई कर्मचारियों को लगाकर रास्ता ठीक कराया गया, ताकि अंतिम यात्रा में कोई बाधा न आए। सुबह से ही एसडीएम समेत जिले के कई अधिकारी गांव में डटे रहे और व्यवस्थाओं की निगरानी करते रहे। श्रमिकों को श्रद्धांजलि देने के लिए बरखेड़ा से भाजपा विधायक स्वामी प्रवक्तानंद, बीसलपुर से भाजपा विधायक विवेक वर्मा, पूर्व विधायक किशन लाल राजपूत समेत कई जनप्रतिनिधि भी गांव पहुंचे। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों को ढांढस बंधाया और हरसंभव मदद का भरोसा दिलाया। वहीं, हादसे में घायल सात मजदूरों का इलाज हरियाणा के अस्पतालों में जारी है, जिनमें तीन की हालत गंभीर बनी हुई है।जिसमें सुशील कुमार के भाई पवन, रामनरेश के पिता रामचंद्र, नेवाराम के भाई लालता प्रसाद और अगृपाल के भाई बीरेंद्र कुमार ने मुखाग्नि दी।रिपोर्टर दीपक गुप्ता 9760451566September 4, 2026